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Mehant Ki Kamai
मेहनत की  रोटी

 बड़ी खुशी मिलती है  साहब जब   मेहनत  की दो रोटी कमा कर   घर   लाती हूं दिनभर यहां से वहां दौड़ना   पड़ता है पैदल सब से  लड़ना पड़ता है समाज से बीमारी से और अपने आपसे   लेकिन  मुझे खुशी है कि मैं किसी के आगे हाथ नहीं फैलाती  अपनी मेहनत से अपना और अपने परिवार का पेट भर्ती हूं  । सभी को मेरी तरह ही अपनी अपनी जिम्मेदारियां निभानी   चाहिए हाथ फैलाने से तो बेहतर है दो पैसे के लिए कुछ कार्य किया जाए जिस दिन लोगों को यह बात समझ में आ जाएगी उस दिन से दुनिया में कोई किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएगा ईश्वर सब देखता है सब जानता है और परीक्षा भी लेता है । @अमित सोनी फोटोजर्नलिस्ट



 

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