माँ नर्मदा कथा

माँ नर्मदा कथा त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे॥ संसार में जितनी भी नदियाँ है उसमे नर्मदा जी के अतिरिक्त किसी भी नदी के प्रदिक्षणा करने का प्रमाण नही है। नर्मदा जी के अलावा किसी भी नदी पर पुराण की रचना नहीं हुई है। केवल नर्मदा जी के नाम से “नर्मदा पुराण” है। नर्मदा जी के महत्त्व के बारे में कहा गया है कि जो पुण्य गंगा नदी में नहाने से मिलता है, वही पुण्य माँ नर्मदा को देखने मात्रा (दर्शन से ) मिल जाता है । त्रिभि: सारस्वतं तोयं सप्ताहेन तू यमुनाम। सद्य: पुनाती गांगेयं, दर्शनादेव नार्मदम॥ स्कन्द पुराण में कहा गया है कि, सरस्वती का जल तीन दिनों में, यमुना का जल ७ दिनों में या सात बार स्नान करने पर, श्री गंगा का जल १ बार स्नान करने में पवित्र करता है किन्तु श्री नर्मदा जी का जल केवल दर्शन मात्र से ही पवित्र कर देता है ।
@ अमित सोनी फोटोजर्नलिस्ट

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