बेटियां होती ही है गौरव बढ़ाने के लिए,

बेटियां होती ही है गौरव बढ़ाने के लिए, बेटियां आती ही है घर संसार जगमगाने के लिए इनके चरणों में जन्नत है इनको सिर पर बिठाए परिवार का दुख दर्द बांटती है बेटियां टूटे हुए घरों को संवारती हैं बेटियां घर पर रहे तो संस्कारी है बेटियां बाहर जो निकले तो दुर्गा और काली है बेटियां नए घर जाएं जो खुशहाल बनाती हैं बेटियां मां बन के बच्चों को पालती है बेटियां संस्कारी होती हैं हर घर की बेटियां सम्मान करो इनका ये देवी है बेटियां @अमित सोनी फोटोजर्नलिस्ट

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